Sem III Thematic Cartography
GEG 503P
Thematic Cartography (Practical)
Unit 1: Map filling: Showing geographical features (Mountains, Rivers, National Parks) in the Map of India; Soil distribution Map of India; Rainfall distribution Map Of India; vegetation distribution Map of India.
Unit 2: Distribution Map of India Resource Map (Iron, bauxite, Manganese, Mica, Coal, Petroleum and Natural Gas); Major Industries Map (Cotton Textile, Pulp and Paper and cement); Agriculture Map (Wheat, Rice, Tea, coffee, Sugarcane and Cotton).
Unit 3: Distribution Map and its types; representation of socio-cultural and economic Data by distribution maps: Population Density map of India, Population Distribution Map of India by Dot method.
Unit 4: Isopleth Map of India: Temperature (June and December), Pressure (June and December).
Unit 5: Plane Table Survey: Its Instruments and Methods (Radiation, Intersection and Traversing, Resectioning)
Practical Record: A Practical Record file comprising all unit
GEG 503P
थीमैटिक कार्टोग्राफी (प्रैक्टिकल)
यूनिट 1: मैप भरना: भारत के मैप में ज्योग्राफिकल फीचर्स (पहाड़, नदियां, नेशनल पार्क) दिखाना; भारत का मिट्टी का डिस्ट्रीब्यूशन मैप; भारत का बारिश का डिस्ट्रीब्यूशन मैप; भारत का वेजिटेशन डिस्ट्रीब्यूशन मैप।
यूनिट 2: भारत का डिस्ट्रीब्यूशन मैप रिसोर्स मैप (आयरन, बॉक्साइट, मैंगनीज, माइका, कोयला, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस); मेजर इंडस्ट्रीज मैप (कॉटन टेक्सटाइल, पल्प और पेपर और सीमेंट); एग्रीकल्चर मैप (गेहूं, चावल, चाय, कॉफी, गन्ना और कॉटन)।
यूनिट 3: डिस्ट्रीब्यूशन मैप और उसके टाइप; डिस्ट्रीब्यूशन मैप से सोशियो-कल्चरल और इकोनॉमिक डेटा का रिप्रेजेंटेशन: भारत का पॉपुलेशन डेंसिटी मैप, डॉट मेथड से भारत का पॉपुलेशन डिस्ट्रीब्यूशन मैप।
यूनिट 4: भारत का आइसोप्लेथ मैप: टेम्परेचर (जून और दिसंबर), प्रेशर (जून और दिसंबर)।
यूनिट 5: प्लेन टेबल सर्वे: इसके उपकरण और तरीके (रेडिएशन, इंटरसेक्शन और ट्रैवर्सिंग, रिसेक्शनिंग)
प्रैक्टिकल रिकॉर्ड: एक प्रैक्टिकल रिकॉर्ड फ़ाइल जिसमें सभी यूनिट शामिल हैं
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर
भूगोल प्रायोगिक — Map Filling
Showing Geographical Features on the Map of India
(Mountains, Rivers and National Parks)
कॉलेज विद्यार्थियों के लिए परीक्षा एवं प्रायोगिक कार्य दोनों की दृष्टि से उपयोगी विस्तृत नोट्स
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1. Map Filling का अर्थ
Map Filling (मानचित्र पूर्ति) से आशय दिए गए रिक्त भारत के मानचित्र (Outline Map of India) पर विभिन्न भौगोलिक तत्वों को उनकी सही स्थिति में पहचानकर, अंकित करके और नाम लिखकर प्रदर्शित करना है।
भूगोल प्रायोगिक परीक्षा में विद्यार्थी को सामान्यतः भारत का एक Blank/Outline Map दिया जाता है, जिस पर निर्धारित—
पर्वत एवं पर्वत श्रेणियाँ
नदियाँ
राष्ट्रीय उद्यान
झीलें
पठार
मरुस्थल
राज्य/राजधानियाँ
खनिज क्षेत्र
आदि को अंकित करना होता है।
सरल परिभाषा
> “भारत के रिक्त मानचित्र पर दिए गए भौगोलिक तत्वों को उनकी वास्तविक अवस्थिति के अनुसार प्रतीकों एवं नामों द्वारा प्रदर्शित करना Map Filling कहलाता है।”
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2. Map Filling का महत्व
मानचित्र पूर्ति केवल नाम याद करने का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थी की स्थानिक समझ (Spatial Understanding) को विकसित करता है।
इसके प्रमुख महत्व हैं—
1. भारत के भौगोलिक स्वरूप को समझने में सहायता।
2. विभिन्न भौगोलिक तत्वों की वास्तविक स्थिति ज्ञात होती है।
3. मानचित्र पढ़ने एवं बनाने की क्षमता विकसित होती है।
4. स्थानिक संबंधों को समझने में सहायता मिलती है।
5. प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी है।
6. भूगोल प्रायोगिक परीक्षा में महत्वपूर्ण है।
7. भौगोलिक तथ्यों को लंबे समय तक याद रखने में सहायता मिलती है।
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3. भारत के मानचित्र पर भौगोलिक तत्वों को प्रदर्शित करने के सामान्य नियम
Map Filling करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें—
1. सही स्थान
किसी भौगोलिक तत्व को उसकी वास्तविक स्थिति के निकट ही अंकित करें।
2. स्पष्ट नामांकन
नाम स्पष्ट एवं पठनीय होना चाहिए।
3. उपयुक्त संकेत
नदी के लिए रेखा, पर्वत के लिए उपयुक्त प्रतीक तथा राष्ट्रीय उद्यान के लिए बिंदु/प्रतीक का प्रयोग किया जा सकता है।
4. मानचित्र की सीमा
राज्य की सीमा से बाहर कोई भौगोलिक तत्व न दिखाएँ।
5. नदी का प्रवाह
नदी को उसके स्रोत से मुहाने की दिशा में प्रदर्शित करें।
6. पर्वत श्रेणी
पर्वत श्रेणियों को सामान्यतः लंबी/विस्तृत रेखीय पट्टी के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
7. राष्ट्रीय उद्यान
राष्ट्रीय उद्यान की स्थिति को बिंदु, छोटे वृत्त या मानचित्र में निर्धारित संकेत द्वारा दिखाया जा सकता है।
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भाग–A
⛰️ भारत के प्रमुख पर्वत एवं पर्वत श्रेणियाँ
भारत के मानचित्र पर पर्वतों को उनकी स्थिति के आधार पर समझना अत्यंत आवश्यक है।
4. हिमालय पर्वत प्रणाली
हिमालय भारत के उत्तरी भाग में पश्चिम से पूर्व तक फैली विशाल पर्वत प्रणाली है।
मानचित्र पर स्थिति
जम्मू-कश्मीर/लद्दाख क्षेत्र → हिमाचल प्रदेश → उत्तराखंड → नेपाल सीमा के साथ → सिक्किम → अरुणाचल प्रदेश
भारत के मानचित्र पर हिमालय को उत्तरी सीमा के समानांतर एक विस्तृत पर्वतीय पट्टी के रूप में समझें।
प्रमुख भाग
महान हिमालय (हिमाद्रि)
लघु हिमालय (हिमाचल)
शिवालिक
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5. काराकोरम श्रेणी
स्थिति: भारत के अत्यंत उत्तर में, मुख्यतः लद्दाख क्षेत्र में।
महत्वपूर्ण तथ्य
यह हिमालयी पर्वत प्रणाली के उत्तर-पश्चिमी भाग से संबंधित है।
K2 इसी पर्वतीय क्षेत्र में स्थित है, हालांकि K2 भारत के प्रशासनिक नियंत्रण वाले क्षेत्र में नहीं है।
Map Point
भारत के सबसे उत्तरी भाग में लद्दाख के उत्तर में इसे चिह्नित करने की अवधारणा रखें।
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6. अरावली पर्वतमाला
राजस्थान के विद्यार्थियों के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
विस्तार
दिल्ली के निकटवर्ती क्षेत्र → हरियाणा → राजस्थान → गुजरात
राजस्थान में इसका विस्तार मुख्यतः—
उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम
दिशा में है।
प्रमुख क्षेत्र
दिल्ली
अलवर
जयपुर क्षेत्र
अजमेर
राजसमंद
उदयपुर
सिरोही
सर्वोच्च चोटी
गुरु शिखर — माउंट आबू, सिरोही
ऊँचाई: लगभग 1,722 मीटर
Map Trick
राजस्थान के मानचित्र पर NE–SW दिशा में तिरछी पर्वतीय रेखा बनाइए।
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7. विंध्य पर्वतमाला
स्थिति
मध्य भारत में, मुख्यतः मध्य प्रदेश के क्षेत्र में।
यह नर्मदा घाटी के उत्तर में स्थित प्रमुख उच्चभूमि/पर्वतीय प्रणाली है।
Map Point
भारत के मध्य भाग में मध्य प्रदेश के आसपास इसे चिह्नित करें।
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8. सतपुड़ा पर्वतमाला
स्थिति
मुख्यतः—
मध्य प्रदेश → महाराष्ट्र के उत्तरी भाग
में विस्तृत है।
यह नर्मदा नदी के दक्षिण में स्थित है।
महत्वपूर्ण संबंध
उत्तर — नर्मदा घाटी
दक्षिण — सतपुड़ा
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9. पश्चिमी घाट
Western Ghats / Sahyadri
स्थिति
भारत के पश्चिमी तट के समानांतर।
मुख्यतः—
महाराष्ट्र
गोवा
कर्नाटक
केरल
तमिलनाडु
के पश्चिमी भाग में।
प्रमुख विशेषता
यह अरब सागर के तट के समानांतर चलती है।
प्रमुख चोटी
अनामुडी (Anamudi) — केरल
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10. पूर्वी घाट
Eastern Ghats
भारत के पूर्वी भाग में, बंगाल की खाड़ी के समानांतर लेकिन पश्चिमी घाट की तुलना में अधिक खंडित (Discontinuous) रूप में पाए जाते हैं।
मुख्यतः—
ओडिशा
आंध्र प्रदेश
तमिलनाडु
में।
प्रमुख चोटी
जिंदगड़ा/अरमा कोंडा क्षेत्र को पूर्वी घाट के उच्च भागों से जोड़ा जाता है।
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11. नीलगिरि पहाड़ियाँ
स्थिति
तमिलनाडु–केरल–कर्नाटक के मिलन क्षेत्र में।
यहाँ पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट की पर्वतीय प्रणालियों का मिलन क्षेत्र माना जाता है।
महत्वपूर्ण चोटी
डोडाबेट्टा
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12. नल्लमाला पहाड़ियाँ
स्थिति
मुख्यतः आंध्र प्रदेश में।
यह पूर्वी घाट की प्रमुख पर्वतीय श्रेणियों में से एक है।
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13. भारत के प्रमुख पर्वत — Map Practice Table
पर्वत/पर्वत श्रेणी मानचित्र पर स्थान
काराकोरम लद्दाख के उत्तर
हिमालय भारत की उत्तरी सीमा
अरावली राजस्थान से दिल्ली/गुजरात दिशा
विंध्य मध्य प्रदेश क्षेत्र
सतपुड़ा नर्मदा के दक्षिण
पश्चिमी घाट पश्चिमी तट के समानांतर
पूर्वी घाट पूर्वी भारत
नीलगिरि दक्षिण भारत, TN-Kerala-Karnataka मिलन क्षेत्र
नल्लमाला आंध्र प्रदेश
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भाग–B
🌊 भारत की प्रमुख नदियाँ
भारत की नदियों को Map Filling के लिए दो प्रमुख समूहों में समझना उपयोगी है—
1. हिमालयी नदियाँ
गंगा
यमुना
ब्रह्मपुत्र
सतलुज आदि
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ
नर्मदा
ताप्ती
गोदावरी
कृष्णा
कावेरी
महानदी आदि
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14. गंगा नदी
उद्गम
गंगोत्री हिमनद से निकलने वाली भागीरथी और अलकनंदा के देवप्रयाग में संगम के बाद नदी को गंगा कहा जाता है।
प्रवाह
उत्तराखंड → उत्तर प्रदेश → बिहार → झारखंड → पश्चिम बंगाल
इसके बाद इसकी प्रमुख धारा बंगाल की खाड़ी की ओर जाती है।
Map Practice
भारत के उत्तरी मैदान में पश्चिम से पूर्व दिशा में गंगा को दिखाएँ।
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15. यमुना नदी
उद्गम
यमुनोत्री हिमनद, उत्तराखंड
प्रवाह
उत्तराखंड → हरियाणा/हिमाचल के समीपवर्ती क्षेत्र → दिल्ली → उत्तर प्रदेश
संगम
प्रयागराज में गंगा से संगम।
Map Trick
यमुना को गंगा की दक्षिणी सहायक नदी के रूप में दिखाएँ।
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16. ब्रह्मपुत्र नदी
भारत में ब्रह्मपुत्र मुख्यतः अरुणाचल प्रदेश और असम से होकर बहती है।
भारत में प्रवेश
अरुणाचल प्रदेश में यह सियांग/दिहांग नाम से जानी जाती है।
इसके बाद असम में ब्रह्मपुत्र के रूप में बहती है।
प्रवाह
अरुणाचल प्रदेश → असम → बांग्लादेश
Map Practice
भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में इसे प्रदर्शित करें।
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17. सिंधु नदी
उद्गम क्षेत्र
तिब्बत क्षेत्र।
भारत में
मुख्यतः लद्दाख क्षेत्र से होकर बहती है।
इसके प्रमुख सहायक—
झेलम
चिनाब
रावी
ब्यास
सतलुज
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18. नर्मदा नदी
उद्गम
अमरकंटक क्षेत्र, मध्य प्रदेश
प्रवाह
मुख्यतः—
मध्य प्रदेश → महाराष्ट्र के निकटवर्ती क्षेत्र → गुजरात
और अंततः अरब सागर में गिरती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
नर्मदा भारत की प्रमुख पश्चिमवाहिनी नदियों में से एक है।
Map Trick
मध्य भारत से पश्चिम की ओर एक रेखा बनाकर अरब सागर तक ले जाएँ।
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19. ताप्ती/तापी नदी
उद्गम
मुलताई, मध्य प्रदेश
प्रवाह
मध्य प्रदेश → महाराष्ट्र → गुजरात
और अरब सागर में गिरती है।
Map Practice
इसे नर्मदा के दक्षिण में लगभग समान पश्चिमवाहिनी दिशा में प्रदर्शित करें।
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20. गोदावरी नदी
उद्गम
त्र्यंबकेश्वर के निकट, महाराष्ट्र
प्रवाह
मुख्यतः—
महाराष्ट्र → तेलंगाना → आंध्र प्रदेश
और बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
विशेषता
इसे प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख एवं लंबी नदियों में गिना जाता है।
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21. कृष्णा नदी
उद्गम
महाबलेश्वर क्षेत्र, महाराष्ट्र
प्रवाह
महाराष्ट्र → कर्नाटक → तेलंगाना/आंध्र प्रदेश
और बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
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22. कावेरी नदी
उद्गम
तालकावेरी, कर्नाटक
प्रवाह
कर्नाटक → तमिलनाडु
और बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
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23. महानदी
उद्गम
छत्तीसगढ़
प्रवाह
छत्तीसगढ़ → ओडिशा → बंगाल की खाड़ी
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24. प्रमुख नदियाँ — Map Practice Table
नदी उद्गम/मुख्य क्षेत्र प्रवाह की सामान्य दिशा मुहाना
गंगा उत्तराखंड पूर्व बंगाल की खाड़ी
यमुना उत्तराखंड दक्षिण-पूर्व गंगा में
ब्रह्मपुत्र तिब्बत/अरुणाचल पूर्व-दक्षिण बंगाल की खाड़ी तंत्र
सिंधु तिब्बत उत्तर-पश्चिम अरब सागर
नर्मदा मध्य प्रदेश पश्चिम अरब सागर
ताप्ती मध्य प्रदेश पश्चिम अरब सागर
गोदावरी महाराष्ट्र पूर्व बंगाल की खाड़ी
कृष्णा महाराष्ट्र पूर्व-दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी
कावेरी कर्नाटक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी
महानदी छत्तीसगढ़ पूर्व बंगाल की खाड़ी
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भाग–C
🌳 भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान
Map Filling में राष्ट्रीय उद्यानों को सामान्यतः बिंदु/प्रतीक द्वारा उनकी वास्तविक स्थिति पर दिखाया जाता है।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय उद्यान परीक्षा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
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25. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: उत्तराखंड
मानचित्र स्थिति
उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में।
विशेषता
भारत के प्रमुख एवं प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों में से एक।
बाघ संरक्षण के लिए प्रसिद्ध।
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26. राजाजी राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: उत्तराखंड
स्थिति
हिमालय की शिवालिक क्षेत्र में, देहरादून–हरिद्वार के आसपास का क्षेत्र।
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27. रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: राजस्थान
स्थिति
सवाई माधोपुर के क्षेत्र में।
विशेषता
बाघ
शुष्क पर्णपाती वन
रणथंभौर किला क्षेत्र
Map Trick
राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में, सवाई माधोपुर के आसपास बिंदु लगाएँ।
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28. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: राजस्थान
स्थान: भरतपुर
विशेषता
यह पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है और महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि क्षेत्र है।
Map Point
राजस्थान के पूर्वी भाग में, भरतपुर के आसपास।
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29. सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान/टाइगर रिजर्व क्षेत्र
राज्य: राजस्थान
स्थान: अलवर
Map Point
राजस्थान के उत्तर-पूर्वी भाग में।
> परीक्षा में यदि प्रश्न विशेष रूप से “National Parks” का हो, तो अपने विश्वविद्यालय/वर्तमान आधिकारिक सूची में दिए गए वर्गीकरण के अनुसार Sariska की स्थिति अंकित करें।
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30. कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: मध्य प्रदेश
स्थिति
मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में।
विशेषता
वन्यजीव एवं बारहसिंगा संरक्षण के लिए प्रसिद्ध।
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31. बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: मध्य प्रदेश
स्थिति
मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में।
विशेषता
बाघों के लिए प्रसिद्ध।
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32. पेंच राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के सीमा क्षेत्र में।
Map Point
मध्य प्रदेश के दक्षिणी भाग में।
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33. गिर राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: गुजरात
स्थिति
सौराष्ट्र/काठियावाड़ क्षेत्र में।
विशेषता
एशियाई सिंह के लिए प्रसिद्ध।
Map Trick
गुजरात के दक्षिण-पश्चिमी सौराष्ट्र क्षेत्र में बिंदु लगाएँ।
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34. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: असम
स्थिति
असम के मध्य भाग में ब्रह्मपुत्र घाटी के आसपास।
विशेषता
एक सींग वाला भारतीय गैंडा।
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35. मानस राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: असम
स्थिति
असम के उत्तर-पश्चिमी भाग में, भूटान सीमा के निकट।
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36. सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: पश्चिम बंगाल
स्थिति
गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के दक्षिणी भाग में।
विशेषता
मैंग्रोव वन
रॉयल बंगाल टाइगर
Map Point
पश्चिम बंगाल के दक्षिणी तटीय भाग में।
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37. सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: ओडिशा
स्थिति
ओडिशा के उत्तर-पूर्वी भाग में।
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38. भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: ओडिशा
स्थिति
ओडिशा के पूर्वी तटीय क्षेत्र में।
विशेषता
मैंग्रोव एवं खारे पानी के मगरमच्छ के लिए प्रसिद्ध।
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39. बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: कर्नाटक
स्थिति
दक्षिणी कर्नाटक में, नीलगिरि क्षेत्र के निकट।
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40. पेरियार राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: केरल
स्थिति
केरल के पूर्वी/दक्षिणी भाग में पश्चिमी घाट क्षेत्र।
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41. साइलेंट वैली राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: केरल
स्थिति
पश्चिमी घाट के नीलगिरि क्षेत्र के दक्षिण में, केरल में।
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42. ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान
राज्य: हिमाचल प्रदेश
स्थिति
हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र में।
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43. दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान
क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर
स्थिति
श्रीनगर के आसपास हिमालयी क्षेत्र में।
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44. हेमिस राष्ट्रीय उद्यान
क्षेत्र: लद्दाख
स्थिति
लद्दाख के पर्वतीय क्षेत्र में।
विशेषता
हिम तेंदुआ सहित उच्च हिमालयी वन्यजीव।
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45. राष्ट्रीय उद्यान — Quick Map List
राष्ट्रीय उद्यान राज्य/क्षेत्र पहचान
जिम कॉर्बेट उत्तराखंड बाघ
राजाजी उत्तराखंड शिवालिक क्षेत्र
रणथंभौर राजस्थान बाघ
केवलादेव राजस्थान पक्षी/आर्द्रभूमि
सरिस्का राजस्थान बाघ
कान्हा मध्य प्रदेश बारहसिंगा/बाघ
बांधवगढ़ मध्य प्रदेश बाघ
पेंच MP–Maharashtra बाघ
गिर गुजरात एशियाई सिंह
काजीरंगा असम एक सींग वाला गैंडा
मानस असम वन्यजीव
सुंदरबन पश्चिम बंगाल मैंग्रोव/बाघ
सिमलिपाल ओडिशा वन्यजीव
भितरकनिका ओडिशा मैंग्रोव/मगरमच्छ
बांदीपुर कर्नाटक बाघ/हाथी
पेरियार केरल हाथी/बाघ
साइलेंट वैली केरल जैव विविधता
ग्रेट हिमालयन हिमाचल प्रदेश हिमालयी जैव विविधता
दाचीगाम J&K हिमालयी वन्यजीव
हेमिस लद्दाख हिम तेंदुआ
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46. Map Filling के लिए याद रखने की आसान विधि
पर्वतों के लिए
उत्तर = हिमालय + काराकोरम
उत्तर-पश्चिम/राजस्थान = अरावली
मध्य = विंध्य + सतपुड़ा
पश्चिम = पश्चिमी घाट
पूर्व = पूर्वी घाट
दक्षिण = नीलगिरि
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नदियों के लिए
पश्चिम की ओर बहने वाली प्रमुख नदियाँ
नर्मदा + ताप्ती
याद रखें:
> “नर्मदा-ताप्ती = पश्चिम की साथी”
पूर्व की ओर बहने वाली प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियाँ
महानदी + गोदावरी + कृष्णा + कावेरी
याद रखें:
> “महान गोदावरी कृष्णा कावेरी — पूर्व की ओर रवानी”
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47. National Parks याद करने की State-wise Strategy
राजस्थान
रणथंभौर — सवाई माधोपुर
केवलादेव — भरतपुर
सरिस्का — अलवर
गुजरात
गिर — एशियाई सिंह
मध्य प्रदेश
कान्हा — बांधवगढ़ — पेंच
असम
काजीरंगा — मानस
पश्चिम बंगाल
सुंदरबन
दक्षिण भारत
बांदीपुर — कर्नाटक
पेरियार — केरल
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48. प्रायोगिक परीक्षा में Map Filling की प्रक्रिया
Step 1
भारत का Outline Map लें।
Step 2
सबसे पहले प्रमुख पर्वतों की स्थिति निर्धारित करें।
Step 3
नदियों के स्रोत एवं प्रवाह दिशा को ध्यान में रखें।
Step 4
राष्ट्रीय उद्यानों के लिए संबंधित राज्य की पहचान करें।
Step 5
सभी तत्वों को हल्के हाथ से पहले चिन्हित करें।
Step 6
सही स्थिति सुनिश्चित करने के बाद नाम लिखें।
Step 7
अंत में मानचित्र को साफ एवं व्यवस्थित करें।
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49. सामान्य गलतियाँ जिनसे बचें
❌ नदी को गलत दिशा में बनाना।
❌ राष्ट्रीय उद्यान को केवल राज्य के नाम के आधार पर कहीं भी चिह्नित कर देना।
❌ पर्वत श्रेणी को एक बिंदु से दिखाना जबकि वह विस्तृत श्रेणी है।
❌ नाम लिखते समय मानचित्र की सीमाओं को ढक देना।
❌ बहुत गहरे या मोटे निशान बनाना।
❌ नदी और पर्वत के लिए एक ही संकेत का प्रयोग करना।
❌ Map में अनावश्यक सजावट करना।
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50. प्रायोगिक परीक्षा में अंक प्राप्त करने की रणनीति ⭐
पहले आसान → फिर मध्यम → फिर कठिन
पहला चरण
गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी जैसी प्रमुख नदियाँ।
दूसरा चरण
हिमालय, अरावली, पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट।
तीसरा चरण
राष्ट्रीय उद्यान।
चौथा चरण
नामांकन एवं साफ-सफाई की जाँच।
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51. One-Page Revision Chart
⛰️ Mountains
उत्तर: काराकोरम — हिमालय
राजस्थान: अरावली
मध्य भारत: विंध्य — सतपुड़ा
पश्चिम: पश्चिमी घाट
पूर्व: पूर्वी घाट
दक्षिण: नीलगिरि
🌊 Rivers
North: सिंधु — गंगा — यमुना — ब्रह्मपुत्र
West-flowing: नर्मदा — ताप्ती
East-flowing: महानदी — गोदावरी — कृष्णा — कावेरी
🌳 National Parks
उत्तराखंड: जिम कॉर्बेट
राजस्थान: रणथंभौर — केवलादेव — सरिस्का
गुजरात: गिर
MP: कान्हा — बांधवगढ़ — पेंच
असम: काजीरंगा — मानस
WB: सुंदरबन
ओडिशा: सिमलिपाल — भितरकनिका
कर्नाटक: बांदीपुर
केरल: पेरियार — साइलेंट वैली
लद्दाख: हेमिस
निष्कर्ष
Map Filling भूगोल प्रायोगिक का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है। इसके माध्यम से विद्यार्थी केवल भौगोलिक तथ्यों को याद नहीं करता, बल्कि “कहाँ क्या स्थित है?” इस मूलभूत भौगोलिक प्रश्न का व्यावहारिक उत्तर सीखता है। भारत के मानचित्र पर पर्वतों, नदियों एवं राष्ट्रीय उद्यानों का नियमित अभ्यास करने से मानचित्र कौशल, स्थानिक बोध तथा परीक्षा में अंक प्राप्त करने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
> परीक्षा मंत्र: “Location याद करें → Symbol लगाएँ → सही नाम लिखें → Map साफ रखें।”
Sem V Unit ll
Scheme of Indian Topographical Sheets
1. टोपोग्राफिकल शीट (Topographical Sheet) क्या है?
टोपोग्राफिकल शीट वह मानचित्र होता है जिसमें पृथ्वी की सतह के प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक (मानवीय) विशेषताओं का विस्तृत चित्रण होता है।
इनमें दिखाया जाता है—
स्थलरूप (Relief)
नदियाँ, झीलें
सड़के, रेल मार्ग
गाँव, शहर
ऊँचाई (Contours)
वनस्पति, मिट्टी
प्रशासनिक सीमा
इन चित्रों को भारत में Survey of India (SOI) द्वारा बनाया जाता है।
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2. भारत के टोपोशीट का नवीनतम संस्करण (Latest Version)
भारत में टोपोशीट के लिए अब दो प्रमुख प्रणालियाँ प्रयोग में हैं—
(1) Old System – Degree, Half-degree, Quarter Sheets (पुरानी प्रणाली)
(2) New System – Open Series Maps (OSM) / Defence Series Maps (DSM)
▶ नवीनतम प्रणाली: OSM/DSM (Open Series Maps / Defence Series Maps)
वर्ष 2005 के बाद नई प्रणाली लागू
WGS-84 Datum और UTM Projection पर आधारित
Grid आधारित मानचित्र
सर्वाधिक आधुनिक और GPS संगत
स्केल मुख्यतः 1:50,000
नागरिक उपयोग के लिए OSM
सुरक्षा कारणों से सेना के लिए DSM
इनमें पुराने नंबरों के बजाय ग्रिड आधारित “गोपनीय रहित” नंबर उपयोग होते हैं।
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3. पुरानी प्रणाली (Old Toposheet Scheme)
यह परीक्षा में सबसे ज्यादा पूछा जाता है।
भारत की संपूर्ण भूमि को निम्न प्रकार बाँटा गया था—
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(A) Degree Sheets (डिग्री शीट्स) – 1° × 1°
भारत को 1° अक्षांश × 1° देशांतर के खंडों में विभाजित किया गया।
कुल 105 डिग्री शीट बनाए गए।
इन शीट्स को 1 से 105 तक नंबर दिए गए।
उदाहरण:
शीट 45
शीट 56
शीट 52 आदि
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(B) Half-degree Sheets (अर्ध-डिग्री शीट) – 30’ × 30’
प्रत्येक डिग्री शीट को 4 भागों में बाँटा गया—
A – उत्तरी-पश्चिम
B – उत्तरी-पूर्व
C – दक्षिणी-पश्चिम
D – दक्षिणी-पूर्व
उदाहरण:
45 D, 56 C
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(C) Quarter Sheets (क्वार्टर शीट) – 15’ × 15’
प्रत्येक Half-degree शीट को 4 भागों में बाँटा गया—
1, 2, 3, 4
उदाहरण:
45 D/7, 56 C/2
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4. भारत में सर्वाधिक प्रयोग होने वाला स्केल
भारत में टोपोग्राफिकल शीट्स का प्रमुख स्केल है—
1 : 50,000
अर्थात मानचित्र पर 1 सेमी = भूमि पर 500 मीटर।
पहले 1:25,000 और 1:63,360 स्केल भी प्रचलित थे, पर अब 1:50,000 सबसे अधिक उपयोग में है।
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5. शीट नंबर पढ़ने का तरीका (Reading the Toposheet Number)
उदाहरण:
45 D/7
● 45 → Degree Sheet
● D → Half-degree Sheet
● 7 → Quarter Sheet
मतलब :
एक ऐसा खंड जो 15’ × 15’ क्षेत्र दर्शाता है।
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6. टोपोशीट में प्रदर्शित तत्व (Features Shown on Toposheets)
टोपोशीट में प्राकृतिक व सांस्कृतिक दोनों विशेषताएँ होती हैं—
(A) प्राकृतिक विशेषताएँ (Natural Features):
पर्वत, पहाड़, पठार
नदियाँ, जलाशय
मिट्टी, वनस्पति
ऊँचाई (Contours)
ढाल दिशा (Slope)
(B) सांस्कृतिक विशेषताएँ (Cultural Features):
सड़कें, रेलवे
बस्तियाँ
कुएँ, ट्यूबवेल
विद्युत लाइन
डाकघर, स्कूल, मंदिर आदि
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7. Contours और Spot Heights
Contours टोपोशीट का सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
यह समान ऊँचाई वाले बिंदुओं को जोड़ती है।
Interval (उदासीनता) सामान्यतः 20 मीटर।
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8. Toposheet Symbols (चिह्न)
SOI ने प्रतीकों की एक मानक सूची निर्धारित की है—
काला रंग — मानव निर्मित वस्तुएँ
नीला रंग — जल संबंधी विशेषताएँ
भूरा रंग — ऊँचाई व कंटूर
हरा रंग — वनस्पति
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9. नए OSM/DSM मानचित्र की विशेषताएँ (Latest Features)
पूरी तरह डिजिटल
GPS आधारित
उच्च सटीकता
डेटम: WGS-84
प्रोजेक्शन: UTM
1 km × 1 km grid
सुरक्षा कारणों से संवेदनशील भाग सीमित
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10. परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रमुख प्रश्न
लघु उत्तर (Short Questions)
1. टोपोग्राफिकल मानचित्र क्या है?
2. डिग्री शीट क्या होती है?
3. Contour क्या है?
4. OSM क्या है?
दीर्घ उत्तर (Long Questions)
1. भारतीय टोपोग्राफिकल शीट की योजना (Scheme) का वर्णन करें।
2. टोपोशीट के नवीनतम संस्करण (OSM/DSM) की विशेषताओं का वर्णन करें।
3. 45 D/7 नंबर को पढ़कर समझाएँ।
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निष्कर्ष
भारतीय टोपोग्राफिकल शीट्स भारत की भौगोलिक जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
पुरानी प्रणाली (1° – 30′ – 15′) परीक्षा में अधिक पूछी जाती है।
नई प्रणाली (OSM/DSM) आधुनिक GIS और GPS आधारित है।
दोनों का ज्ञान व्यावहारिक भूगोल के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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